पशुओं की दुर्दशा के जिम्मेदार कौन ?
तीन तस्वीरों में तीन तरह की स्थितियां दिख रही.... 1. आवारा पशु ( जिसे हम गौमाता कहते है) कूड़ा खाने को बेबस ,लाचार और मजबूर है | 2.गाय कॉलोनी के मकान से सटे दीवार के छांव में विश्रामरत, अब ये जाए तो जाए कहां न यहां इनके लिए घांस के मैदान हैं न तो पहाड़ ये कॉलोनी में रहने को मजबूर है। 3. तीसरी तस्वीर में एक सज्जन ने अपने मकान के बाहर गाय के लिए एवं अन्य जानवरों के लिए प्याऊ का निर्माण किया है ,बहुत नेक काम लेकिन फिर भी इनकी दुर्दशा का अंत नहीं हो पाएगा। निष्कर्ष== हम जब तक गाय भैसो से दूध उगाहते रहेंगे इनको अप्राकृतिक तरीके से दूध के लिए अनियंत्रित पैदा करते रहेंगे तो इनकी दुर्दशा का अंत नहीं होगा , बाकि हमारा चुनाव ही है जो इनको इस दुर्दशा से निकल सकेगा। हमे निर्वद्य जीवनशैली अपनानी ही पड़ेगी। ------Karunesh Pandey #goveganfortheanimals