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Showing posts from March, 2024

पशुओं की दुर्दशा के जिम्मेदार कौन ?

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तीन तस्वीरों में तीन तरह की स्थितियां दिख रही.... 1. आवारा पशु ( जिसे हम गौमाता कहते है) कूड़ा खाने को बेबस ,लाचार और मजबूर है | 2.गाय कॉलोनी के मकान से सटे दीवार के छांव में विश्रामरत, अब ये जाए तो जाए कहां न यहां इनके लिए घांस के मैदान हैं न तो पहाड़ ये कॉलोनी में रहने को मजबूर है। 3. तीसरी तस्वीर में एक सज्जन ने अपने मकान के बाहर गाय के लिए एवं अन्य जानवरों के लिए प्याऊ का निर्माण किया है ,बहुत नेक काम लेकिन फिर भी इनकी दुर्दशा का अंत नहीं हो पाएगा। निष्कर्ष== हम जब तक गाय भैसो से दूध उगाहते रहेंगे इनको अप्राकृतिक तरीके से दूध के लिए अनियंत्रित पैदा करते रहेंगे तो इनकी दुर्दशा का अंत नहीं होगा , बाकि हमारा चुनाव ही है जो इनको इस दुर्दशा से निकल सकेगा। हमे निर्वद्य जीवनशैली अपनानी ही पड़ेगी। ------Karunesh Pandey #goveganfortheanimals

TE Foundation के कार्य।

Thinkers -Evolutions Foundation शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन, पर्यावरण , प्रशिक्षण, पशुक्रूरता इत्यादि पर विशेष तौर पे कार्य करता है,इसके संस्थापक करूणेश पांडेय को seminar man of India भी कहा जाता है।

सप्त कविता संग्रह

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 …                *कविता संग्रह*                                                                      अनिरुद्ध पाण्डेय कविता 1.     प्रेम मिल गया तो जिन्दगी मुकम्मल हो गई। जैसे ये रेशमी कुर्ता, हाय मखमल हो गई । प्रेम ने जिंदगी को कराया रस आभान। जिंदगी प्रेम करके मुकम्मल हो गई।। 2.   तकदीर लिखने वाले एक बार फिर से बचपन का दौर लिख दे चिंतामयी जवानी से, चिंतामुक्त बचपन का पहर लिख दे आया हूं मां के आंचल से दूर नए शहर में, तकदीर लिखने वाले एक बार फिर से मां का आंचल और पिता का घर लिख दे।। 3.   चौसर के पासों पर निर्वस्त्र केवल द्रौपदी ही नहीं,  अपितु पूरे भारत वर्ष की मर्यादा हुई थी।। 4.    उस खारे सागर ने जन्मा मुकुताफल ,  फिर भी नदियों ने कहा खारा है समुंद्र का जल 5.   आँगन झूम उठी , माँ माथ चूम...

टीई फाउण्डेशन ने किया सृजन युवामंडल का गठन।

टीई फाउण्डेशन ने  होलिका दहन और होली के शुभ अवसर पे युवाओं के साथ लेहरा खास ,शहाबगंज ,चंदौली स्थित काली माता मंदिर में "सृजन युवामंडल " की नींव रखी , जिसमे प्रत्येक रविवार को उक्त स्थान पर इकठ्ठा होके 90 मिनट युवा गोष्ठी का संचालन करना सुनिश्चित हुआ है , समाज और युवाओं के जीवन के प्रत्येक पहलू पे चर्चा और उसके समाधान की बात भी होगी। इस शुभ मौके पे संस्था के संस्थापक "करुणेश पाण्डेय" के साथ-साथ  संस्था के वॉलंटियर विकास, हिमांशु , अनुज, रिंकेश, ताड़केश्वर, पुनीत एवं विपिन जी मौजूद थे।