मन की अवस्था, दशा अजीब होती है,आप महसूस करते होंगे, जो मन कुछ दिनों से परेशान था, किसी वजह को लेकर लेकिन कुछ दिनों में अचानक से ऐसा होता है कि वह मन पटरी पर आ जाता है , मतलब खुशी का एहसास, संतुष्टि का एहसास महसूस करने लगता है। मतलब विचार ही है जो इंसानी मन को दुःखी और सुखी होने पर मजबूर करता है। जैसे अभी किसी नकारात्मक विचारों के बारे में सोचने लगे,जिसे वो बिलकुल पसंद नहीं करता है उसका मन व्यथित और परेशान हो जायेगा। उलट अगर व्यक्ति सकारात्मक विचारों के बारे में सोचे तो उसको प्रसन्नता का एहसास होगा। एक बात और यदि कोई विचार जो आपको परेशान कर। रहा है भले ही उसकी कीमत कौड़ियों में भी न आंकी जाए,कई दिनों तक उस विचार को मन में रखने से अवसाद एवं तनाव हमारे अंदर घर करने लगता है। आदमी का मन बहुत अवसरवादी होता है , एक रास्ता बंद होता है तो वह दूसरे की संभावना तलाशना शुरू करता है । आप देखते होंगे , व्यक्ति चाहे किसी क्षेत्र का हो शिक्षा, व्यवसाय, खेल, संगीत, साहित्य, अभिनय, कला इत्यादि अगर उसे लगे कि उसका लक्ष्य पूरा नहीं हो रहा है या वो असमर्थ है तो वह उसका एक विकल्प या समानांतर व्यवस्था बना ही ...