ब्यातिगत= शादी ना करने के पीछे का कारण।

1. बचपन से स्वाभाविक, ब्रह्मचर्य की भावना के वजह से , कामुकता से बचाव के वजह से।
2. गर्भिणी स्त्री को असहनीय दर्द प्रसव के दौरान , 
उस दर्द का कारण नहीं बनना, करुणा के वजह से।
3. संतान के नहीं रहने पे जनसंख्या नियंत्रण के लिए समाज में संदेश देने में प्रभावी।
4. स्वतंत्रता, अतिरिक्त समय मिलेगा जिसका सदुपयोग जीवन में मूल्य बढ़ाने में काम आएगा।
5. व्यक्तिगत परिवार के तनाव से दूर।
6. गरिमायुक्त जीवन, एकांत वाला जीवन, स्वयंशासित जीवन।
7. असीम संभावनाओं वाला जीवन, उच्च निर्णय एवं त्याग वाला जीवन।
8. प्रसिद्धि वाला जीवन।
9. भाइयों से बिछड़ने का, अलग होने का कोई भी कारण न होना,  एक अलग अनुभूति और खुशी देता है. 
10. अपनी एक स्वतंत्र पहचान, किसी के भी साथ  न साझे वाली पहचान,  अन्तर्यात्रा .
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|| मई 24/2025 ||

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मिलिए *Seminar Man of India* करूणेश पांडेय से (संस्थापक टीई फाउण्डेशन) --------:::टीई फाउण्डेशन के संस्थापक करूणेश पांडेय ने कई राज्यों में पशु क्रूरता निवारण के लिए सेमिनार का आयोजन किया है और ये सिलसिला लगातार चल रहा है। इनके रिकॉर्डेड सेमिनार यूट्यूब पे Thinkers Evolutions Foundation चैनल पे देखा जा सकता है, हालाकि बहुत सेमिनार unrecorded हैं क्योंकि बहुत दिनों के बाद सेमिनार को यूट्यूब पे अपलोड करने की शुरुआत हुई, पशु क्रूरता निवारण, वीगनिज्म के अलावा व्यक्तित्व विकास, संवाद कौशल इत्यादि पे भी करुणेश पाण्डेय जी सेमिनार लेते रहते हैं, बता दें कि करुणेश पाण्डेय जी टीई फाउण्डेशन नाम की संस्था चलाते हैं जो शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन, कुरीति उन्मूलन, जनजागरण, रोजगार, वृक्षारोपण, प्रकृति संरक्षण इत्यादि पर विशेष कार्य कर रही है, सैकड़ों स्वयंसेवक इनकी संस्था से जुड़के समाज में अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं। इनको आईआईटी BHU, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, कई कॉलेज और कई बड़े बड़े अधिकारियों ने सेमिनार मैन आफ इंडिया की उपाधि दी है। टीई फाउण्डेशन औसतन हफ्ते में 50 और साल में 2500 लोगों को शाकाहारी बना रही है और लोगो को वन्य जीव रक्षा, प्रकृति संरक्षण एवं वृक्षारोपण के लिए प्रेरित भी कर रही है। आप संस्था के पुनीत और पवित्र कार्य को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग कर सकते हैं। (Phonepe,Paytm,gpay 9794695015)

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